मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया छोड़कर, जहाँ वह एक जाने-माने डॉक्टर थे, राज ने कनाडा के एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में सेल्समैन की नौकरी करने का फैसला किया। यह उनके लिए एक नया अध्याय था, एक ऐसा कदम जो उनके दोस्तों और परिवार के लिए समझ से परे था। जिस राज को लोग बीमारी का इलाज करते जानते थे, वह अब ग्राहकों को सामान बेचेंगे!
स्टोर के मैनेजर, मिस्टर हडसन, एक सख्त और अनुभवी व्यक्ति थे। अपनी पहनी हुई आँखों से राज को देखते हुए उन्होंने पहला सवाल पूछा, "क्या तुम्हें सेल्स का कोई तजुर्बा है?"
राज ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, "सर, मैं भारत में डॉक्टर था।"
मिस्टर हडसन ने सिर हिलाया, उनकी भौंहों पर शिकन थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि एक डॉक्टर सेल्स में क्या कर सकता है। लेकिन राज के चेहरे पर झलकती दृढ़ता ने उन्हें मौका देने के लिए मजबूर किया।
पहले दिन का चमत्कार
राज ने अपने पहले दिन पूरे दिल से काम किया। वह हर ग्राहक से मुस्कुराकर मिलते, उनकी ज़रूरत को समझते और फिर सही सामान सुझाते। दिन भर की मेहनत के बाद, शाम को 6 बजे, मिस्टर हडसन उनके पास आए।
"आज तुमने कितने सेल किए, राज?" उन्होंने पूछा।
"सर, मैंने सिर्फ एक सेल किया," राज ने कहा।
मिस्टर हडसन चौंक गए। उनकी भौंहें चढ़ गईं। "सिर्फ एक? हमारे यहाँ हर सेल्समैन रोज़ाना 20 से 30 सेल करता है। क्या तुम मज़ाक कर रहे हो?"
राज ने शांत रहते हुए कहा, "नहीं सर, मज़ाक बिल्कुल नहीं।"
मिस्टर हडसन ने निराशा के साथ पूछा, "अच्छा, तो बताओ तुमने कितने का सेल किया?"
राज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "93,300 पाउंड्स।"
"क्या?" मिस्टर हडसन के मुँह से निकला। उनके चेहरे पर अविश्वास और आश्चर्य के भाव थे। "यह कैसे संभव है? एक दिन में इतना बड़ा सेल?"
राज ने उन्हें पूरी कहानी सुनाई।
एक गोली से एक बोट तक
"एक आदमी स्टोर में आया। मैंने उसे देखा, वह परेशान लग रहा था। मैंने उससे बात की और फिर उसे एक छोटा मछली पकड़ने का हुक दिखाया। उसने कहा कि उसे यह पसंद है, तो मैंने उसे एक मध्यम आकार का और फिर एक बड़ा हुक भी बेचा।"
राज की बातों पर मिस्टर हडसन की उत्सुकता बढ़ती जा रही थी।
"हुक बेचने के बाद, मैंने उसे एक बड़ी फिशिंग रॉड और कुछ गियर बेचे। जब वह उन्हें खरीदने के लिए तैयार हुआ, तो मैंने उससे पूछा कि वह मछली कहाँ पकड़ेगा। उसने कहा कि वह कोस्टल एरिया में जाएगा।"
राज ने आगे बताया, "तब मैंने उसे समझाया कि कोस्टल एरिया में मछली पकड़ने के लिए एक नाव की ज़रूरत पड़ेगी। मैं उसे बोट डिपार्टमेंट में ले गया और उसे 20 फुट की, डबल इंजन वाली स्कूनर बोट बेच दी।"
मिस्टर हडसन अब पूरी तरह से मंत्रमुग्ध होकर राज की कहानी सुन रहे थे।
"जब उसने कहा कि यह नाव उसकी पुरानी वोक्सवैगन कार में नहीं आएगी, तो मैं उसे अपने ऑटोमोबाइल सेक्शन में ले गया। वहाँ मैंने उसे बोट ले जाने के लिए एक शानदार 4x4 ब्लेज़र बेच दी।"
मिस्टर हडसन अपनी कुर्सी पर बैठ गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि एक आदमी सिर्फ एक हुक खरीदने आया था और इतना सब कुछ खरीदकर जा रहा था।
"और कहानी यहीं खत्म नहीं हुई," राज ने जारी रखा। "जब मैंने उससे पूछा कि वह मछली पकड़ने के दौरान कहाँ रहेगा, तो उसने कहा कि उसने इस बारे में कुछ नहीं सोचा था। तो मैं उसे कैंपिंग सेक्शन में ले गया और उसे 6 लोगों के लिए एक कैंपर टेंट बेच दिया।"
"अंत में, जब वह इतना सब कुछ ले चुका था, तो उसने खुद ही कहा कि जब इतना खर्च कर ही दिया है, तो 200 पाउंड की ग्रॉसरी और दो केस बियर भी ले लेगा।"
मिस्टर हडसन अपनी जगह से दो कदम पीछे हट गए, उनके चेहरे पर अविश्वास के भाव थे।
"तो... तुम कह रहे हो कि तुमने यह सब उस आदमी को बेचा जो सिर्फ एक मछली का हुक खरीदने आया था?" उन्होंने अवाक होकर पूछा।
राज ने मुस्कुराकर जवाब दिया, "नहीं, सर।"
मिस्टर हडसन ने हैरानी से पूछा, "तो वह क्या खरीदने आया था?"
"वह तो सिर्फ सरदर्द की एक गोली खरीदने आया था," राज ने कहा। "मैंने उसे समझाया कि मछली पकड़ना सरदर्द दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है।"
भारत की शिक्षा
मिस्टर हडसन अब पूरी तरह से हैरान थे। वह राज की व्यावसायिक सोच और ग्राहक को समझने की क्षमता से प्रभावित थे। उन्होंने अपनी कुर्सी पर राज को बैठने का इशारा किया।
"तुमने भारत में कहाँ काम किया था?" मिस्टर हडसन ने पूछा।
"जी, मैं एक प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टर था," राज ने कहा। "हमारे यहाँ अगर कोई मरीज मामूली घबराहट की शिकायत लेकर भी आता था, तो हम उसे पैथोलॉजी, ईको, ईसीजी, टीएमटी, सीटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई, और न जाने कितने टेस्ट करवाने की सलाह देते थे।"
राज ने समझाया कि भारत के निजी अस्पतालों में, बीमारी की जड़ तक पहुंचने से पहले, अनगिनत टेस्ट करवाना एक सामान्य प्रक्रिया थी। उनका मानना था कि यह तरीका ग्राहकों (मरीजों) को अधिक से अधिक सेवाएं बेचने का एक हिस्सा था।
मिस्टर हडसन ने राज की बात सुनी और फिर मुस्कुराए। "तुम आज से मेरी कुर्सी पर बैठो, राज," उन्होंने कहा। "मैं भारत जा रहा हूँ। मुझे लगता है कि मुझे वहाँ के प्राइवेट हॉस्पिटलों से ट्रेनिंग लेनी चाहिए।"
यह कहानी न केवल एक सेल्समैन के हुनर को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक अलग पृष्ठभूमि का अनुभव, सही जगह पर इस्तेमाल करने पर, चमत्कार कर सकता है। राज ने डॉक्टर के रूप में जो सीखा था, वह अब सेल्समैन के रूप में उसका सबसे बड़ा हुनर बन गया था।
0 Comments